
कौन सच मानता है ?
तुमने माना कि वो ईश्वर का बेटा है,
तुमने माना कि वो ख़ुदा का दूत है,
तुमने माना कि वो पैगम्बर है ,
तुमने माना कि वो शास्ता है,अवधूत है ,
तुमने माना कि वहां स्वर्ग है जन्नत है ,
तुमने माना कि वहां दोज़ख में आग है ,
तुमने माना कि मरना कपड़ा बदलना है ,
तुमने माना कि आख़िर में इन्साफ है ,
तुमने माना कि तुम ख़ास हो,सब आम है
तमने माना कि जिंदगी भी जाम है ,
तुमने माना जो तुम्हारा है अच्छा,दूसरा ख़राब है
तुमने माना कि जो दुनियाँ है वो ख्वाब है ,
तुमने माना कि इसमें कुछ तो है जो सच्चा है ,
पर मुझे नहीं मालूम कि एक आदमी दूसरे से कैसे अच्छा है ,
तो !
तुमको मालूम है जन्नत की हकीक़त , लेकिन
दिल को बहलाने को तुम्हारा ये ख्याल अच्छा है