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Thursday, July 15, 2010

शेर की खाल उतार कर कुत्ता हो जाऊं


तुम कैसे जिन्दा रहते शेर .
जब सामने तुम्हारे आदमी था सवा शेर .
काश तुम बन सकते कुत्ते
तो लोग तुम्हे गोद में लिए फिरते .
काश तुमने छोड़ दिया होता जंगल का अधिकार
तो शायद आदमी करता तुमसे भी प्यार .
देखो कुत्तो को !. दुलराये जाते हैं ,सहलाये जाते हैं ,
सुन्दरियों के गोद में इतराए जाते है ,
आखिर किस गुमान में हो तुम ................!
आदमियों में भी जो थे शेर ,
सब कर दिए गए है ढेर .
अब बस कुत्तो की ही प्रजाति कायम है ,
शेर बनना आजकल जरायम है ,
सब कर रहे है अपने अन्दर के शेर को शूट
और, श्वान बनाये जाने के खुल रहे हैं दनादन इंस्टिट्यूट .
अब मै भी सोचता हूँ खुद को समझाऊ , और
शेर की खाल उतार कर कुत्ता हो जाऊं




*दुनिया मे कम होते शेरों के प्रति .